Monsoon Update: मुंबई के बाद अब कहां आगे बढ़ेगा मानसून, कहां होगी झमाझम और कहां रहेगा सूखा?

Monsoon Update: अब लोग गर्मी से परेशान हो चुके है और वो बारिश का इंतज़ार बड़ी बेसब्री से कर रहे है और जानना चाहते है की बारिश का मौसम कब से सुरु होगा और इस समय मौसम कैसा है और आगे किस तरह का मौसम होगा। ये आपको पता होगा कि जो भिवानी है, झज्जर है, रोहतक ये सारे इलाके जो हरियाणा के यहां पर धूल भरी आंधी चली है और दिल्ली एनसीआर में भी आज धूल भरी आंधी चली है उत्तर भारत में यानी कि अभी प्री मानसून जैसी गतिविधियां जारी हैं। लेकिन एक बहुत बड़ा अपडेट है कि वो यह है कि मानसून मुंबई पहुंच चुका है।

आज 23 जून को मानसून ने अपनी चाल चल दी और मुंबई और धानू तक पहुंच गया। आप देखिए महाराष्ट्र के कई इलाकों को कवर करते हुए छत्तीसगढ़ को भी आधे से ज्यादा कवर कर दिया। झारखंड और बिहार के भी लगभग ज्यादातर इलाकों को कवर कर चुका है। अब बारी है उत्तर प्रदेश की, मध्य प्रदेश की और गुजरात की। तो यह जल्दी ही यहां पर आगे बढ़ेगा। लेकिन अभी भी यह समय से काफी पीछे चल रहा है। क्योंकि अगर आप नॉर्मल डेट देखें तो यह 20 जून को यह गुजरात में पहुंच जाना चाहिए था और मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों को कवर करता हुआ उत्तर प्रदेश के कुछ इलाके कवर करता हुआ यह आपका उत्तराखंड और लद्दाख तक पहुंच जाना चाहिए था । लेकिन आज 23 जून है, काफी पीछे चल रहा है। लेकिन उम्मीद यही है कि 28 जून के बाद से मानसून सरपट दौड़ेगा और दिल्ली तक जल्दी ही पहुंच जाएगा।

तो अब वेदर सिस्टम तो बहुत ज्यादा कंड्यूसिव अभी फिलहाल नहीं दिखाई दे रहे। एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन अभी भी बिहार के ऊपर बना हुआ है। ट्रफ है जो महाराष्ट्र के तट पर है जिसके कारण यह मानसून थोड़ा सा आगे बढ़ा है। और अब टेंपरेचर देखें तो पिछले 24 घंटों में प्रयागराज अभी भी सबसे ज्यादा गर्म है। 43.3° है। वर्धा में 43 है। दतिया में 42 है। हमीरपुर में 42, बहराइच में 41 यानी कि सबसे ज्यादा जो गर्म है वह उत्तर प्रदेश इस समय बना हुआ है। अह विदर्भ के भी कुछ इलाके काफी ज्यादा गर्म बने हुए हैं। लेकिन बाकी इलाकों में थोड़ी सी राहत दिखाई दे रही है।

अगर हम बात करें बारिश की, तो बारिश में आप देखिए रत्नागिरी में सबसे ज़्यादा बारिश हुई है 147 मि.मी. हरनई में भी अह 116 मि.मी. यानी कि महाराष्ट्र में काफ़ी अच्छी बारिश हुई है। रामाकुंडम में 172 मि.मी. कारबार है, तिसूर है, कोचिहार, आदिलाबाद, कोचीन, मुंबई, कोलावा में 49 मि.मी. बारिश हुई है। जिससे मानसून को वहां पर पहुंचने में मदद मिली है। यानी बारिश की गतिविधियां अब धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। लेकिन जो कमी है बारिश की वह अभी भी बनी हुई है। जून का महीना हमें उम्मीद है कि बारिश तो अभी होती रहेगी लेकिन जून के महीने की जो कमी है वो पूरी नहीं हो पाएगी। ये दिखाई दे रहा है। लेकिन जुलाई के महीने की शुरुआत काफी अच्छे नोट पर होगी और काफी अच्छी बारिश की गतिविधियां होंगी।

सबसे बड़ा बात यह होगी कि जुलाई के शुरुआती दौर में मानसून दिल्ली पहुंच जाएगा और पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू कश्मीर तक पहुंचने की उम्मीद दिखाई दे रही है। लेकिन यूजुअली वो 27 जून को दिल्ली पहुंच जाता है। तो दिल्ली अभी दूर है। अब देखते हैं आज का सेटेलाइट पिक्चर ये शाम का है। 5:00 बजे के आसपास का। तो आप देखिए कि बंगाल की खाड़ी माफ़ कीजिए बंगाल की खाड़ी में तो बहुत अच्छे बादल बने हुए हैं। यहां पर एक लो प्रेशर ये साइक्लोनिक सर्कुलेशन है जो 3.1 कि.मी. से लेकर के 5.8 कि.मी. काफी ऊंचाई तक बना हुआ है। इसीलिए यहां पर बादल काफी ज्यादा है और हवाएं देखिए आप इस तरह से है। ये जो हवाएं हैं वो यहां से जो इस तरह से यहां पर चल रही है।

यानी कि बंगाल की खाड़ी से यह उत्तर पूर्वी राज्यों में हवाएं चल रही हैं। और यहां से थोड़ा सा मुड़ रही हैं। इसके कारण क्या होगा कि नेपाल और उत्तरी बिहार में हिमालय वेस्ट बंगाल और सिक्किम के तक यह बारिश को लेकर के आ रही है। आज देखिए तो यह पश्चिम बंगाल में भी बादल बने हुए हैं। यहां बिहार, झारखंड ये सारे इलाकों में बादल है। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी इलाकों के साथ-साथ मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र ये सारे इलाकों में गरजने चमकने वाले बादल हैं। और यह देखिए गंगानगर और जो उसके आसपास के इलाकों में भी कुछ बादल दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली एनसीआर में बादल हैं। लेकिन बहुत ज्यादा स्ट्रांग एक्टिविटी यहां पर नहीं होने वाली है। इस तरह का मौसम दिखाई दे रहा है।

अगर आज 23 तारीख की हम बात करते हैं तो इसमें आप देखिए कि जो मौसम है मौसमी गतिविधियां है सबसे ज्यादा ये पूर्वोत्तर राज्यों में सिक्किम में उपमा पश्चिम बंगाल में दिखाई दे रही है और पश्चिमी तट पर मानसून सर्ज जो पश्चिमी हवाएं डेड वेस्टर्नली विंड आनी चाहिए थी वो आ चुकी है। सोमालिया जेट स्ट्रीम भी स्ट्रांग हो गई है। तो आप देखिए मुंबई से लेकर के ये कर्नाटक के तटीय इलाकों तक बहुत अच्छी बारिश की गतिविधियां होने वाली है। पुणे और उसके आसपास के इलाकों में सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, गोवा यह सारे इलाके मूसलाधार बारिश देखेंगे। केरल में और तमिलनाडु में बारिश थोड़ी सी कम हो गई है। अह मानसून सच थोड़ा ऊपर की तरफ आ गई है। लेकिन आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई इलाके बारिश देखेंगे। यहां तक कि विदर्भ, मराठवाड़ा यानी महाराष्ट्र के ज़्यादातर इलाके उत्तरी महाराष्ट्र में बारिश कम होगी और मध्य प्रदेश के भी कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भी है। अह बिहार झारखंड में हल्की-फुल्की बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं। पंजाब, हरियाणा, पंजाब के दक्षिणी इलाके, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कुछ इलाकों में उत्तरी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की संभावना अभी भी बनी हुई है।

पहाड़ों पर बारिश की अति थोड़ी सी कम है। लेकिन 24 तारीख को देखेंगे तो पहाड़ों पर थोड़ा सा इंटेंसिटी बढ़ने वाली है। पंजाब के कई इलाके कवर हो जाएंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली, पंजाब, हरियाणा यह सारे इलाकों में भी धूल भरी आंधी के साथ कहीं-कहीं पर गरज चमक के साथ बौछारे आ सकती है। यह 24 तारीख का अपडेट है। और इसमें देखिए आप पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश है। उत्तरी बिहार में कुछ बारिश की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। और यहां पर देखिए यह दक्षिणी कर्नाटका, केरल और तमिलनाडु में बारिश कम हो जाएगी। लेकिन कर्नाटक के अंदरूनी भागों के साथ-साथ यह महाराष्ट्र के तटी इलाकों में अह अह अह दक्षिणी मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश काफी अच्छी हो जाएगी। इस तरह का है। और 25 तारीख को आप देखेंगे तो 25 तारीख को बहुत ज़्यादा चेंजज़ नहीं है। लेकिन ये सारे इसी तरह से रहेगा और ये मतलब अब बहुत ज़्यादा इसमें चेंजज़ आपको 25 को नहीं दिखाई देंगे।

26 तारीख में भी थोड़ा सा इंटेंसिटी यहां पर बढ़ जाएगी। तो इसी तरह का वेदर रहने की संभावना हमें दिखाई दे रही है और आपको एक अपडेट मैं बताऊं कि यानी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। अब ये है जो वेदर सिस्टम है आपका ये है 29 तारीख को। तो 29 तारीख में क्या चेंजेज आएंगे? तो यहां पर लो प्रेशर एरिया या साइक्लोनिक सर्कुलेशन बिहार पर स्ट्रांग हो जाएगा और हवाएं यहां से बंगाल की खाड़ी से घूमने लग जाएंगी। 29 तारीख को और 30 30 तारीख होते-होते माफ़ कीजिएगा यह 30 तारीख होते-होते आप देखिए कि जो ट्रफ है वह गंगा के मैदानी क्षेत्रों से लेकर के ये हरियाणा तक बन जाएगी। तो क्या होगा कि 30 तारीख को आपका जो मानसून है वो बहुत तेजी से उत्तर प्रदेश की तरफ आगे बढ़ना शुरू हो जाएगा।

लेकिन प्रॉब्लम ये है कि गुजरात और जो मध्य प्रदेश के जो पश्चिमी इलाके हैं यहां पर मानसून फिर भी काफी पीछे रहेगा। तो यह आपका हो गया 30 तारीख और एक तारीख को अगर आप देखेंगे तो 1 तारीख को आप होते-होते यह यहां पर लो प्रेशर एरिया अच्छा बन जाएगा और 1 तारीख को होते-होते हमें उम्मीद है कि मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ यह उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पहुंच जाएगा और दो तारीख होते-होते हो सकता है कि यह दिल्ली एनसीआर को यह टच कर जाए।

अब लोग गर्मी से परेशान हो चुके है और वो बारिश का इंतज़ार बड़ी बेसब्री से कर रहे है और जानना चाहते है की बारिश का मौसम कब से सुरु होगा और इस समय मौसम कैसा है और आगे किस तरह का मौसम होगा। ये आपको पता होगा कि जो भिवानी है, झज्जर है, रोहतक ये सारे इलाके जो हरियाणा के यहां पर धूल भरी आंधी चली है और दिल्ली एनसीआर में भी आज धूल भरी आंधी चली है उत्तर भारत में यानी कि अभी प्री मानसून जैसी गतिविधियां जारी हैं। लेकिन एक बहुत बड़ा अपडेट है कि वो यह है कि मानसून मुंबई पहुंच चुका है।

आज 23 जून को मानसून ने अपनी चाल चल दी और मुंबई और धानू तक पहुंच गया। आप देखिए महाराष्ट्र के कई इलाकों को कवर करते हुए छत्तीसगढ़ को भी आधे से ज्यादा कवर कर दिया। झारखंड और बिहार के भी लगभग ज्यादातर इलाकों को कवर कर चुका है। अब बारी है उत्तर प्रदेश की, मध्य प्रदेश की और गुजरात की। तो यह जल्दी ही यहां पर आगे बढ़ेगा। लेकिन अभी भी यह समय से काफी पीछे चल रहा है। क्योंकि अगर आप नॉर्मल डेट देखें तो यह 20 जून को यह गुजरात में पहुंच जाना चाहिए था और मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों को कवर करता हुआ उत्तर प्रदेश के कुछ इलाके कवर करता हुआ यह आपका उत्तराखंड और लद्दाख तक पहुंच जाना चाहिए था । लेकिन आज 23 जून है, काफी पीछे चल रहा है। लेकिन उम्मीद यही है कि 28 जून के बाद से मानसून सरपट दौड़ेगा और दिल्ली तक जल्दी ही पहुंच जाएगा।

तो अब वेदर सिस्टम तो बहुत ज्यादा कंड्यूसिव अभी फिलहाल नहीं दिखाई दे रहे। एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन अभी भी बिहार के ऊपर बना हुआ है। ट्रफ है जो महाराष्ट्र के तट पर है जिसके कारण यह मानसून थोड़ा सा आगे बढ़ा है। और अब टेंपरेचर देखें तो पिछले 24 घंटों में प्रयागराज अभी भी सबसे ज्यादा गर्म है। 43.3° है। वर्धा में 43 है। दतिया में 42 है। हमीरपुर में 42, बहराइच में 41 यानी कि सबसे ज्यादा जो गर्म है वह उत्तर प्रदेश इस समय बना हुआ है। अह विदर्भ के भी कुछ इलाके काफी ज्यादा गर्म बने हुए हैं। लेकिन बाकी इलाकों में थोड़ी सी राहत दिखाई दे रही है।

अगर हम बात करें बारिश की, तो बारिश में आप देखिए रत्नागिरी में सबसे ज़्यादा बारिश हुई है 147 मि.मी. हरनई में भी अह 116 मि.मी. यानी कि महाराष्ट्र में काफ़ी अच्छी बारिश हुई है। रामाकुंडम में 172 मि.मी. कारबार है, तिसूर है, कोचिहार, आदिलाबाद, कोचीन, मुंबई, कोलावा में 49 मि.मी. बारिश हुई है। जिससे मानसून को वहां पर पहुंचने में मदद मिली है। यानी बारिश की गतिविधियां अब धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। लेकिन जो कमी है बारिश की वह अभी भी बनी हुई है। जून का महीना हमें उम्मीद है कि बारिश तो अभी होती रहेगी लेकिन जून के महीने की जो कमी है वो पूरी नहीं हो पाएगी। ये दिखाई दे रहा है। लेकिन जुलाई के महीने की शुरुआत काफी अच्छे नोट पर होगी और काफी अच्छी बारिश की गतिविधियां होंगी।

सबसे बड़ा बात यह होगी कि जुलाई के शुरुआती दौर में मानसून दिल्ली पहुंच जाएगा और पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू कश्मीर तक पहुंचने की उम्मीद दिखाई दे रही है। लेकिन यूजुअली वो 27 जून को दिल्ली पहुंच जाता है। तो दिल्ली अभी दूर है। अब देखते हैं आज का सेटेलाइट पिक्चर ये शाम का है। 5:00 बजे के आसपास का। तो आप देखिए कि बंगाल की खाड़ी माफ़ कीजिए बंगाल की खाड़ी में तो बहुत अच्छे बादल बने हुए हैं। यहां पर एक लो प्रेशर ये साइक्लोनिक सर्कुलेशन है जो 3.1 कि.मी. से लेकर के 5.8 कि.मी. काफी ऊंचाई तक बना हुआ है। इसीलिए यहां पर बादल काफी ज्यादा है और हवाएं देखिए आप इस तरह से है। ये जो हवाएं हैं वो यहां से जो इस तरह से यहां पर चल रही है।

यानी कि बंगाल की खाड़ी से यह उत्तर पूर्वी राज्यों में हवाएं चल रही हैं। और यहां से थोड़ा सा मुड़ रही हैं। इसके कारण क्या होगा कि नेपाल और उत्तरी बिहार में हिमालय वेस्ट बंगाल और सिक्किम के तक यह बारिश को लेकर के आ रही है। आज देखिए तो यह पश्चिम बंगाल में भी बादल बने हुए हैं। यहां बिहार, झारखंड ये सारे इलाकों में बादल है। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी इलाकों के साथ-साथ मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र ये सारे इलाकों में गरजने चमकने वाले बादल हैं। और यह देखिए गंगानगर और जो उसके आसपास के इलाकों में भी कुछ बादल दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली एनसीआर में बादल हैं। लेकिन बहुत ज्यादा स्ट्रांग एक्टिविटी यहां पर नहीं होने वाली है। इस तरह का मौसम दिखाई दे रहा है।

अगर आज 23 तारीख की हम बात करते हैं तो इसमें आप देखिए कि जो मौसम है मौसमी गतिविधियां है सबसे ज्यादा ये पूर्वोत्तर राज्यों में सिक्किम में उपमा पश्चिम बंगाल में दिखाई दे रही है और पश्चिमी तट पर मानसून सर्ज जो पश्चिमी हवाएं डेड वेस्टर्नली विंड आनी चाहिए थी वो आ चुकी है। सोमालिया जेट स्ट्रीम भी स्ट्रांग हो गई है। तो आप देखिए मुंबई से लेकर के ये कर्नाटक के तटीय इलाकों तक बहुत अच्छी बारिश की गतिविधियां होने वाली है। पुणे और उसके आसपास के इलाकों में सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, गोवा यह सारे इलाके मूसलाधार बारिश देखेंगे। केरल में और तमिलनाडु में बारिश थोड़ी सी कम हो गई है। अह मानसून सच थोड़ा ऊपर की तरफ आ गई है। लेकिन आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई इलाके बारिश देखेंगे। यहां तक कि विदर्भ, मराठवाड़ा यानी महाराष्ट्र के ज़्यादातर इलाके उत्तरी महाराष्ट्र में बारिश कम होगी और मध्य प्रदेश के भी कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भी है। अह बिहार झारखंड में हल्की-फुल्की बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं। पंजाब, हरियाणा, पंजाब के दक्षिणी इलाके, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कुछ इलाकों में उत्तरी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की संभावना अभी भी बनी हुई है।

पहाड़ों पर बारिश की अति थोड़ी सी कम है। लेकिन 24 तारीख को देखेंगे तो पहाड़ों पर थोड़ा सा इंटेंसिटी बढ़ने वाली है। पंजाब के कई इलाके कवर हो जाएंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली, पंजाब, हरियाणा यह सारे इलाकों में भी धूल भरी आंधी के साथ कहीं-कहीं पर गरज चमक के साथ बौछारे आ सकती है। यह 24 तारीख का अपडेट है। और इसमें देखिए आप पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश है। उत्तरी बिहार में कुछ बारिश की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। और यहां पर देखिए यह दक्षिणी कर्नाटका, केरल और तमिलनाडु में बारिश कम हो जाएगी। लेकिन कर्नाटक के अंदरूनी भागों के साथ-साथ यह महाराष्ट्र के तटी इलाकों में अह अह अह दक्षिणी मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश काफी अच्छी हो जाएगी। इस तरह का है। और 25 तारीख को आप देखेंगे तो 25 तारीख को बहुत ज़्यादा चेंजज़ नहीं है। लेकिन ये सारे इसी तरह से रहेगा और ये मतलब अब बहुत ज़्यादा इसमें चेंजज़ आपको 25 को नहीं दिखाई देंगे।

26 तारीख में भी थोड़ा सा इंटेंसिटी यहां पर बढ़ जाएगी। तो इसी तरह का वेदर रहने की संभावना हमें दिखाई दे रही है और आपको एक अपडेट मैं बताऊं कि यानी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। अब ये है जो वेदर सिस्टम है आपका ये है 29 तारीख को। तो 29 तारीख में क्या चेंजेज आएंगे? तो यहां पर लो प्रेशर एरिया या साइक्लोनिक सर्कुलेशन बिहार पर स्ट्रांग हो जाएगा और हवाएं यहां से बंगाल की खाड़ी से घूमने लग जाएंगी। 29 तारीख को और 30 30 तारीख होते-होते माफ़ कीजिएगा यह 30 तारीख होते-होते आप देखिए कि जो ट्रफ है वह गंगा के मैदानी क्षेत्रों से लेकर के ये हरियाणा तक बन जाएगी। तो क्या होगा कि 30 तारीख को आपका जो मानसून है वो बहुत तेजी से उत्तर प्रदेश की तरफ आगे बढ़ना शुरू हो जाएगा।

लेकिन प्रॉब्लम ये है कि गुजरात और जो मध्य प्रदेश के जो पश्चिमी इलाके हैं यहां पर मानसून फिर भी काफी पीछे रहेगा। तो यह आपका हो गया 30 तारीख और एक तारीख को अगर आप देखेंगे तो 1 तारीख को आप होते-होते यह यहां पर लो प्रेशर एरिया अच्छा बन जाएगा और 1 तारीख को होते-होते हमें उम्मीद है कि मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ यह उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पहुंच जाएगा और दो तारीख होते-होते हो सकता है कि यह दिल्ली एनसीआर को यह टच कर जाए।

अब लोग गर्मी से परेशान हो चुके है और वो बारिश का इंतज़ार बड़ी बेसब्री से कर रहे है और जानना चाहते है की बारिश का मौसम कब से सुरु होगा और इस समय मौसम कैसा है और आगे किस तरह का मौसम होगा। ये आपको पता होगा कि जो भिवानी है, झज्जर है, रोहतक ये सारे इलाके जो हरियाणा के यहां पर धूल भरी आंधी चली है और दिल्ली एनसीआर में भी आज धूल भरी आंधी चली है उत्तर भारत में यानी कि अभी प्री मानसून जैसी गतिविधियां जारी हैं। लेकिन एक बहुत बड़ा अपडेट है कि वो यह है कि मानसून मुंबई पहुंच चुका है।

आज 23 जून को मानसून ने अपनी चाल चल दी और मुंबई और धानू तक पहुंच गया। आप देखिए महाराष्ट्र के कई इलाकों को कवर करते हुए छत्तीसगढ़ को भी आधे से ज्यादा कवर कर दिया। झारखंड और बिहार के भी लगभग ज्यादातर इलाकों को कवर कर चुका है। अब बारी है उत्तर प्रदेश की, मध्य प्रदेश की और गुजरात की। तो यह जल्दी ही यहां पर आगे बढ़ेगा। लेकिन अभी भी यह समय से काफी पीछे चल रहा है। क्योंकि अगर आप नॉर्मल डेट देखें तो यह 20 जून को यह गुजरात में पहुंच जाना चाहिए था और मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों को कवर करता हुआ उत्तर प्रदेश के कुछ इलाके कवर करता हुआ यह आपका उत्तराखंड और लद्दाख तक पहुंच जाना चाहिए था । लेकिन आज 23 जून है, काफी पीछे चल रहा है। लेकिन उम्मीद यही है कि 28 जून के बाद से मानसून सरपट दौड़ेगा और दिल्ली तक जल्दी ही पहुंच जाएगा।

तो अब वेदर सिस्टम तो बहुत ज्यादा कंड्यूसिव अभी फिलहाल नहीं दिखाई दे रहे। एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन अभी भी बिहार के ऊपर बना हुआ है। ट्रफ है जो महाराष्ट्र के तट पर है जिसके कारण यह मानसून थोड़ा सा आगे बढ़ा है। और अब टेंपरेचर देखें तो पिछले 24 घंटों में प्रयागराज अभी भी सबसे ज्यादा गर्म है। 43.3° है। वर्धा में 43 है। दतिया में 42 है। हमीरपुर में 42, बहराइच में 41 यानी कि सबसे ज्यादा जो गर्म है वह उत्तर प्रदेश इस समय बना हुआ है। अह विदर्भ के भी कुछ इलाके काफी ज्यादा गर्म बने हुए हैं। लेकिन बाकी इलाकों में थोड़ी सी राहत दिखाई दे रही है।

अगर हम बात करें बारिश की, तो बारिश में आप देखिए रत्नागिरी में सबसे ज़्यादा बारिश हुई है 147 मि.मी. हरनई में भी अह 116 मि.मी. यानी कि महाराष्ट्र में काफ़ी अच्छी बारिश हुई है। रामाकुंडम में 172 मि.मी. कारबार है, तिसूर है, कोचिहार, आदिलाबाद, कोचीन, मुंबई, कोलावा में 49 मि.मी. बारिश हुई है। जिससे मानसून को वहां पर पहुंचने में मदद मिली है। यानी बारिश की गतिविधियां अब धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। लेकिन जो कमी है बारिश की वह अभी भी बनी हुई है। जून का महीना हमें उम्मीद है कि बारिश तो अभी होती रहेगी लेकिन जून के महीने की जो कमी है वो पूरी नहीं हो पाएगी। ये दिखाई दे रहा है। लेकिन जुलाई के महीने की शुरुआत काफी अच्छे नोट पर होगी और काफी अच्छी बारिश की गतिविधियां होंगी।

सबसे बड़ा बात यह होगी कि जुलाई के शुरुआती दौर में मानसून दिल्ली पहुंच जाएगा और पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू कश्मीर तक पहुंचने की उम्मीद दिखाई दे रही है। लेकिन यूजुअली वो 27 जून को दिल्ली पहुंच जाता है। तो दिल्ली अभी दूर है। अब देखते हैं आज का सेटेलाइट पिक्चर ये शाम का है। 5:00 बजे के आसपास का। तो आप देखिए कि बंगाल की खाड़ी माफ़ कीजिए बंगाल की खाड़ी में तो बहुत अच्छे बादल बने हुए हैं। यहां पर एक लो प्रेशर ये साइक्लोनिक सर्कुलेशन है जो 3.1 कि.मी. से लेकर के 5.8 कि.मी. काफी ऊंचाई तक बना हुआ है। इसीलिए यहां पर बादल काफी ज्यादा है और हवाएं देखिए आप इस तरह से है। ये जो हवाएं हैं वो यहां से जो इस तरह से यहां पर चल रही है।

यानी कि बंगाल की खाड़ी से यह उत्तर पूर्वी राज्यों में हवाएं चल रही हैं। और यहां से थोड़ा सा मुड़ रही हैं। इसके कारण क्या होगा कि नेपाल और उत्तरी बिहार में हिमालय वेस्ट बंगाल और सिक्किम के तक यह बारिश को लेकर के आ रही है। आज देखिए तो यह पश्चिम बंगाल में भी बादल बने हुए हैं। यहां बिहार, झारखंड ये सारे इलाकों में बादल है। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी इलाकों के साथ-साथ मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र ये सारे इलाकों में गरजने चमकने वाले बादल हैं। और यह देखिए गंगानगर और जो उसके आसपास के इलाकों में भी कुछ बादल दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली एनसीआर में बादल हैं। लेकिन बहुत ज्यादा स्ट्रांग एक्टिविटी यहां पर नहीं होने वाली है। इस तरह का मौसम दिखाई दे रहा है।

अगर आज 23 तारीख की हम बात करते हैं तो इसमें आप देखिए कि जो मौसम है मौसमी गतिविधियां है सबसे ज्यादा ये पूर्वोत्तर राज्यों में सिक्किम में उपमा पश्चिम बंगाल में दिखाई दे रही है और पश्चिमी तट पर मानसून सर्ज जो पश्चिमी हवाएं डेड वेस्टर्नली विंड आनी चाहिए थी वो आ चुकी है। सोमालिया जेट स्ट्रीम भी स्ट्रांग हो गई है। तो आप देखिए मुंबई से लेकर के ये कर्नाटक के तटीय इलाकों तक बहुत अच्छी बारिश की गतिविधियां होने वाली है। पुणे और उसके आसपास के इलाकों में सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, गोवा यह सारे इलाके मूसलाधार बारिश देखेंगे। केरल में और तमिलनाडु में बारिश थोड़ी सी कम हो गई है। अह मानसून सच थोड़ा ऊपर की तरफ आ गई है। लेकिन आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई इलाके बारिश देखेंगे। यहां तक कि विदर्भ, मराठवाड़ा यानी महाराष्ट्र के ज़्यादातर इलाके उत्तरी महाराष्ट्र में बारिश कम होगी और मध्य प्रदेश के भी कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भी है। अह बिहार झारखंड में हल्की-फुल्की बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं। पंजाब, हरियाणा, पंजाब के दक्षिणी इलाके, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कुछ इलाकों में उत्तरी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की संभावना अभी भी बनी हुई है।

पहाड़ों पर बारिश की अति थोड़ी सी कम है। लेकिन 24 तारीख को देखेंगे तो पहाड़ों पर थोड़ा सा इंटेंसिटी बढ़ने वाली है। पंजाब के कई इलाके कवर हो जाएंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली, पंजाब, हरियाणा यह सारे इलाकों में भी धूल भरी आंधी के साथ कहीं-कहीं पर गरज चमक के साथ बौछारे आ सकती है। यह 24 तारीख का अपडेट है। और इसमें देखिए आप पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश है। उत्तरी बिहार में कुछ बारिश की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। और यहां पर देखिए यह दक्षिणी कर्नाटका, केरल और तमिलनाडु में बारिश कम हो जाएगी। लेकिन कर्नाटक के अंदरूनी भागों के साथ-साथ यह महाराष्ट्र के तटी इलाकों में अह अह अह दक्षिणी मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश काफी अच्छी हो जाएगी। इस तरह का है। और 25 तारीख को आप देखेंगे तो 25 तारीख को बहुत ज़्यादा चेंजज़ नहीं है। लेकिन ये सारे इसी तरह से रहेगा और ये मतलब अब बहुत ज़्यादा इसमें चेंजज़ आपको 25 को नहीं दिखाई देंगे।

26 तारीख में भी थोड़ा सा इंटेंसिटी यहां पर बढ़ जाएगी। तो इसी तरह का वेदर रहने की संभावना हमें दिखाई दे रही है और आपको एक अपडेट मैं बताऊं कि यानी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। अब ये है जो वेदर सिस्टम है आपका ये है 29 तारीख को। तो 29 तारीख में क्या चेंजेज आएंगे? तो यहां पर लो प्रेशर एरिया या साइक्लोनिक सर्कुलेशन बिहार पर स्ट्रांग हो जाएगा और हवाएं यहां से बंगाल की खाड़ी से घूमने लग जाएंगी। 29 तारीख को और 30 30 तारीख होते-होते माफ़ कीजिएगा यह 30 तारीख होते-होते आप देखिए कि जो ट्रफ है वह गंगा के मैदानी क्षेत्रों से लेकर के ये हरियाणा तक बन जाएगी। तो क्या होगा कि 30 तारीख को आपका जो मानसून है वो बहुत तेजी से उत्तर प्रदेश की तरफ आगे बढ़ना शुरू हो जाएगा।

लेकिन प्रॉब्लम ये है कि गुजरात और जो मध्य प्रदेश के जो पश्चिमी इलाके हैं यहां पर मानसून फिर भी काफी पीछे रहेगा। तो यह आपका हो गया 30 तारीख और एक तारीख को अगर आप देखेंगे तो 1 तारीख को आप होते-होते यह यहां पर लो प्रेशर एरिया अच्छा बन जाएगा और 1 तारीख को होते-होते हमें उम्मीद है कि मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ यह उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पहुंच जाएगा और दो तारीख होते-होते हो सकता है कि यह दिल्ली एनसीआर को यह टच कर जाए।

"नमस्ते, मेरा नाम सुनील कुमार है। मैं एक जुनूनी और समर्पित क्रिएटर हूँ जो बेहतरीन कंटेंट और सही खबरें देने में विश्वास रखता हूँ। मुझे नई जानकारी इकट्ठा करना और उसे लोगों तक अच्छे ढंग से पहुँचाना पसंद है; इस प्रक्रिया से मुझे सीखने, कुछ नया करने और सकारात्मक प्रभाव डालने में मदद मिलती है।"

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