Cockroach Janta Party Protest: Dharmendra Pradhan का Jantar Mantar Protest पर बड़ा बयान | Abhijeet Dipke

Cockroach Janta Party Protest: पेपर लीक की जंग अब आरपार शिक्षा मंत्री ने खोला सारा राज। कौन है दोषी? कौन है गद्दार? राजनीति का खेल छात्र बेहाल क्यों? अब होगी सख्ती सच आएगा सामने। आज बात उस देश की उस सबसे बड़ी परीक्षा की जिसने करोड़ों सपनों को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। बात नीट यूजी की है। लेकिन आज इस मामले में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने दिल्ली के सियासी गलियारों से लेकर छात्रों के कमरों तक खलबली मचा दी है।

Cockroach Janta Party Protest
Cockroach Janta Party Protest

धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का लहजा सख्त है। तेवर सख्त हैं और उनका निशाना सीधा है। चलिए आपको बताते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान ने आखिर कहा क्या है। उन्होंने माना कि कुछ लोगों ने जिन्हें जिम्मेदारी दी गई थी उन्होंने ही विश्वासघात किया है। उन्होंने माना कि परीक्षा की विश्वसनीयता के साथ खिलवाड़ हुआ है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनडीए पर भरोसा था लेकिन सिस्टम के भीतर बैठे कुछ आस्तीन के सांपों ने भरोसे को बेच डाला। 3 मई की वह परीक्षा इसे रद्द करना पड़ा। उसका दर्द शिक्षा मंत्री के शब्दों में साफ झलक रहा था। लेकिन खेल सिर्फ पेपर लीक का नहीं है। खेल तो अब सियासी हो चुका है।

धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार खुलकर राहुल गांधी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा जब देश के 22 लाख बच्चे उनके माता-पिता एक भारी तनाव से गुजर रहे थे तब कांग्रेस सांसद क्या कर रहे थे? राहुल गांधी ने छात्रों के दर्द पर मरहम लगाने के बजाय सिर्फ और सिर्फ सस्ती राजनीति की। विपक्ष ने इस मुद्दे को सुधारने की कोशिश नहीं की बल्कि देश में अराजकता फैलाने की कोशिश की है। विपक्ष कहता है इस्तीफा दो। धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं तर्क दो। मंत्री ने कहा कि यह वही लोग हैं जिन्हें जनता ने चुनाव में नकार दिया है। अब यह लोग नए-नए बैनरों के पीछे छिपकर देश की संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि री एग्जामिनेशन बिल्कुल सुरक्षित और निष्पक्ष रही है। फिर भी जंतरमंतर पर कुछ गुटों का जमघट लगा है। क्यों? सिर्फ व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए।

अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या जंतरमंतर पर हो रहे प्रदर्शन का मतलब धर्मेंद्र प्रधान का कॉकरोच पार्टी की तरफ इशारा है। फिलहाल यह लड़ाई अब सिर्फ एक परीक्षा की नहीं बची। यह लड़ाई है व्यवस्था की, सुशिता की और सियासत के उस चेहरे की जो आपदा में अवसर तलाशता है। शिक्षा मंत्री ने ऐलान कर दिया है कि सिस्टम सुधरेगा, दोषियों को सजा मिलेगी और भविष्य के डॉक्टर्स के साथ कोई समझौता नहीं होगा। फिलहाल धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर आपकी क्या राय है?

 

"नमस्ते, मेरा नाम सुनील कुमार है। मैं एक जुनूनी और समर्पित क्रिएटर हूँ जो बेहतरीन कंटेंट और सही खबरें देने में विश्वास रखता हूँ। मुझे नई जानकारी इकट्ठा करना और उसे लोगों तक अच्छे ढंग से पहुँचाना पसंद है; इस प्रक्रिया से मुझे सीखने, कुछ नया करने और सकारात्मक प्रभाव डालने में मदद मिलती है।"

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