देश के सराफा बाजार से लेकर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी कि एमसीएक्स तक आज सोना और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। लगातार उतार-चढ़ाव के बीच इस हफ्ते की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। लेकिन वहीं हफ्ते के दूसरे दिन सोने चांदी की कीमत कम होती हुई दिखाई दे रही है। 23 जून 2026 को सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। जिससे लगातार तेजी के बाद बाजार में ठंडक देखने को मिली। घरेलू सराफा बाजारों में सोने के दाम नरम पड़े हैं।

इस सप्ताह की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी और निवेशकों को उम्मीद थी कि कीमती धातुओं में तेजी का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मुनाफावसूली (Profit Booking) और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में तेजी से बढ़ी कीमतों के बाद बाजार में स्वाभाविक करेक्शन देखने को मिल रहा है।
जानते है सोने चांदी के आज के बाजार के भाव के बारे में
भारतीय बाज़ारो में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड की कीमतों में कमी आई है। वहीं चांदी भी पिछले सत्र के तेज उछाल के बाद फिसल गई है। जिससे निवेशकों में मुनाफा वसूली यानी कि प्रॉफिट बुकिंग के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में भारत में 24 कैरेट सोने का दाम 1.46 लाख प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। [संगीत] वहीं 22 कैरेट गोल्ड का दाम 1.34 लाख प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है।अगर चांदी की बात करें तो चांदी 2.28 लाख प्रति 1 कि.ग्र. पर ट्रेड कर रही है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और नोएडा जैसे प्रमुख शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड के रेट में गिरावट देखी गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी कि एमसीएक्स पर भी दबाव साफ नजर आया है। जहां गोल्ड फ्यूचर्स अपने हालिया ऊपरी स्तर से नीचे फिसल करीब 1.47 से 1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता हुआ दिखाई दिया। जबकि सिल्वर फ्यूचर्स भी 2.30 लाख प्रति किलो के आसपास कमजोर पड़ा। हाल के दिनों में उच्च स्तर छूने के बाद अब बाजार में करेक्शन देखने को मिल रहा है। ग्लोबल मार्केट में भी कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। जहां अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने सोने की चमक को थोड़ा फीका किया है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर घरेलू कीमतों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
बाजार जानकारों का क्या कहना है
बाजार जानकारों का कहना है कि जिन निवेशकों का निवेश लंबी अवधि के लिए है, उनके लिए सोने में गिरावट खरीदारी का अवसर बन सकती है। वहीं अल्पकालिक निवेशकों को बाजार की चाल और वैश्विक संकेतों पर नजर रखनी चाहिए। शादी-विवाह के सीजन और त्योहारों की मांग भी आने वाले महीनों में सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
कुल मिलाकर, लगातार तेजी के बाद सोना और चांदी फिलहाल करेक्शन के दौर से गुजर रहे हैं। हालांकि दीर्घकालिक दृष्टि से दोनों कीमती धातुएं निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर इंडेक्स और केंद्रीय बैंकों की नीतियां सोना-चांदी की कीमतों की अगली दिशा तय करेंगी। इसलिए निवेशकों और खरीदारों को बाजार की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
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