आज की तारीख में UPI से चाय की टपरी पर ₹10 की पेमेंट करनी हो या फिर मॉल में हजारों रुपए की शॉपिंग New NPCI UPI Update के जरिये —सब कुछ सेकंडों में हो जाता है। देश में यूपीआई के इसी बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए NPCI यानी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने UPI के नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं। यह NPCI UPI Update ग्राहकों को और बेहतर सुविधा देने के साथ-साथ यूपीआई ट्रांजैक्शंस को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने पर फोकस करता है।

क्या है यह NPCI UPI Update?
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस के सुरक्षित सफर में एक बड़ा बदलाव करते हुए NPCI ने अब SMS आधारित वेरिफिकेशन की पुरानी और थका देने वाली प्रक्रिया को खत्म करने का फैसला लिया है। अब तक जब भी आप नया फोन लेते थे या किसी नए यूपीआई ऐप पर रजिस्टर करते थे, तो आपका फोन साइलेंटली एक SMS भेजता था।
अक्सर इस SMS के लिए बैलेंस न होने या नेटवर्क प्रॉब्लम की वजह से रजिस्ट्रेशन फेल हो जाता था और यूज़र को घंटों परेशान होना पड़ता था। लेकिन NPCI UPI Update के तहत अब यह टेंशन खत्म होने वाली है। NPCI एक इनविज़िबल सिक्योरिटी अपग्रेड लेकर आया है, जिसमें डिवाइस बाइंडिंग के लिए SMS भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह नया प्रोसेस न सिर्फ SMS-फ्री है, बल्कि पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित भी है।
NPCI UPI Update में नियम क्यों बदले जा रहे हैं?
अब तक का नियम यह था कि जब आप Google Pay, PhonePe या BHIM App जैसे यूपीआई ऐप्स इस्तेमाल करते थे, तो ऐप आपके सिम को बैंक अकाउंट से जोड़ने के लिए एक SMS भेजता था। इससे यह कन्फर्म होता था कि सिम उसी फोन में मौजूद है।
समस्या यह थी कि SMS पैक न होने पर रजिस्ट्रेशन रुक जाता था और कई बार स्कैमर्स SMS इंटरसेप्शन के जरिए फ्रॉड की कोशिश करते थे। NPCI UPI Update 2026 के मुताबिक अब NPCI टोकनाइज्ड बैक-एंड वेरिफिकेशन सिस्टम पर जा रहा है। इसमें मोबाइल नेटवर्क यानी टेलीकॉम नेटवर्क के जरिए ही बैक-एंड पर वेरिफिकेशन हो जाएगा, जिससे यूज़र को मैन्युअली कोई SMS भेजने या उसका इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
NPCI UPI Update के फायदे और अहम आंकड़े
NPCI का कहना है कि इस नए अपडेट से करोड़ों यूज़र्स को SMS चार्ज से आज़ादी मिलेगी। जिन लोगों के पास अनलिमिटेड प्लान नहीं होता, उन्हें अब रजिस्ट्रेशन के लिए अलग से टॉकटाइम डलवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इसके साथ ही यह पूरी प्रक्रिया बैक-एंड पर टोकनाइजेशन के जरिए होगी, जिससे इनविज़िबल सिक्योरिटी मिलेगी और स्कैमर्स के लिए SMS को बीच में रोकना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। NPCI ने हाल ही में NVIDIA के साथ साझेदारी की है ताकि AI के जरिए फ्रॉड डिटेक्शन को और मजबूत किया जा सके। अनुमान है कि भारत का डिजिटल पेमेंट मार्केट 2026 तक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा, और यह NPCI UPI Update उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
NPCI UPI Update के तहत कुछ नए UPI नियम
इस अपडेट में सिर्फ SMS वेरिफिकेशन ही नहीं, बल्कि कुछ और बड़े बदलाव भी शामिल हैं। अब एक दिन में एक ऐप से अधिकतम 50 बार ही बैलेंस चेक किया जा सकेगा, ताकि सर्वर पर लोड कम हो। इसके अलावा, अगर आपने 12 महीने से किसी UPI ID का इस्तेमाल नहीं किया है, तो उसे ऑटोमेटिकली डीएक्टिवेट कर दिया जाएगा।
ट्रांजैक्शन फेलियर कम करने के लिए API रिस्पॉन्स टाइम को 30 सेकंड से घटाकर 10 सेकंड कर दिया गया है। इस NPCI UPI Update का सीधा फायदा यह होगा कि नया फोन लेने पर सिर्फ ऐप डाउनलोड करें और नेटवर्क वेरिफिकेशन के जरिए तुरंत UPI इस्तेमाल शुरू करें।
आम यूज़र को क्या फायदा होगा?
अब SMS न जाने की वजह से जो रजिस्ट्रेशन अटक जाते थे, वह समस्या खत्म हो जाएगी। सिम क्लोनिंग और SMS फ्रॉड से बचाव होगा क्योंकि वेरिफिकेशन सीधे टेलीकॉम सर्वर और बैंक के बीच होगा। कुल मिलाकर यह NPCI UPI Update साबित करता है कि भारत की फिनटेक दुनिया कितनी तेजी से बदल रही है।
बिना SMS के वेरिफिकेशन न सिर्फ आसान है बल्कि आपके डेटा को पहले से ज्यादा सुरक्षित भी बनाता है। हालांकि तकनीक कितनी भी एडवांस क्यों न हो जाए, आपको अपना UPI पिन कभी किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए।
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