Kisan Card (Former ID): किसानो के लिए हर योजना की चाभी है फार्मर ID, मिलेंगे इतने इतने फायदे

उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल चला रही है। सरकार किसानों से अपील कर रही है कि सभी किसान जल्द से जल्द Farmer ID ( Kisan Card) बनवा लें ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को तमाम सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही प्लेटफार्म पर मिल सके। लेकिन अभी भी जो किसान फार्मर आईडी को लेकर जागरूक नहीं है या जिन्हें फार्मर आईडी के असली फायदे नहीं पता हैं उन किसानों को आज हम विस्तार से समझाने वाले हैं कि यूपी सरकार क्यों फार्मर आईडी बनवाने पर जोर दे रही है और कैसे यह एक डिजिटल कागज आपकी आय में इजाफा करने में मददगार साबित हो सकता है।

क्या है Kisan Card

Farmer ID ( Kisan Card) की स्कीम उत्तर प्रदेश सरकार और कृषि विभाग उत्तर प्रदेश के माध्यम से लागू की जा रही है। सरल शब्दों में समझे तो फार्मर आईडी एक डिजिटल पहचान पत्र है जिसमें किसान से जुड़ी हर एक जानकारी एक ही जगह पर सुरक्षित रहती है। जैसे किसान का नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, जमीन का विवरण यानी खसरा खतौनी, फसल की जानकारी इत्यादि। यह आईडी हर किसान के लिए यूनिक होती है। ठीक उसी तरह जैसे आपका आधार कार्ड।

कौन लोग Kisan Card के पात्र है

Farmer ID ( Kisan Card) के लिए वे किसान पात्र हैं जो उत्तर प्रदेश के स्थाई निवासी हैं। जिसके नाम पर खेती की जमीन है। साथ ही बटाईदार और किराएदार किसान भी इसके लिए पात्र हैं। पीएम किसान योजना में जो भी किसान पंजीकृत हैं, वह भी इस योजना के लिए पात्र हैं।

Kisan Card कैसे बनेगा और जरुरी दस्तावेज

Farmer ID ( Kisan Card) एक महत्वपूर्ण एक डॉक्यूमेंट है और इसको जैसा कि जनपद में 71% Farmer ID ( Kisan Card) बन चुकी है। तो किसान भाई इसको बनवा लें। अपनी फार्मर आईडी बनवाने के लिए आप नजदीकी सीएससी या जनसेवा केंद्र पर जा सकते हैं। साथ में अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर ( आधार से लिंक जो मोबाइल नंबर है ), बैंक खाता, खतौनी खसरा और पासपोर्ट साइज फोटो लेकर जरूर जाएं।

यहां आपका बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होगा और इसके बाद फार्मर आईडी जनरेट हो जाएगी। अगर जनसेवा केंद्र पर ना जा सके तो गांव, ब्लॉक स्तर पर कैंप लगाए जाते हैं। वहां भी आप जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। फार्मर आईडी स्कीम किसानों के लिए एक डिजिटल सुरक्षा कवच है। यह योजना किसानों को समय पर लाभ, पारदर्शिता और सरकारी सिस्टम से सीधा जुड़ाव प्रदान करती है। अगर आपने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है तो जल्द से जल्द अपने नजदीकी सीएससी केंद्र या कृषि विभाग से संपर्क करें।

Kisan Card बनवाने के फायदे

पहली बात तो हमारी जो ₹2000 सम्मान निधि मिल रही है 4 महीने पे वह समझिए कि लगातार आती रहेगी। वह रुकेगी नहीं। दूसरा चीज यह है कि जब हम सरकारी क्रय केंद्र पे जाते हैं तो वहां पर बहुत आसानी से वहां पर क्रय हम जो वहां पर विक्रय करेंगे उसमें कोई दिक्कत नहीं आएगी। तीसरा क्या है कि जब कोई आपदा आती है जैसे मान लीजिए ओला वृष्टि हो गई या सूखा पड़ा तो उसमें सरकार के द्वारा दो तरह से उसके छत दी जाती है।

एक तो फसल बीमा की तरफ से मिलता है। दूसरा आपदा प्रबंधन से मिलता है। आपदा विभाग से तो उससे क्या है कि आसानी से वह मिल जाएगा बिना फिजिकल वेरिफिकेशन से और यह फार्मर आईडी बनाने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक बार में सारी जितनी भी उनकी खतौनी है एक ही आईडी पर आ जाएगी तो अलग-अलग उसको खतौनी निकलवानी नहीं पड़ेगी और चौथा फायदा यह है कि केसीसी बनवाने के लिए उनको इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। अलग-अलग खतौनी निकालनी नहीं पड़ेगी। ना तो फिजिकल वेरिफिकेशन की आवश्यकता पड़ेगी तो केसीसी भी आसानी से उनका बन जाएगा।

योजना के मुख्य उद्देश्य

इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना, Bajaj Fineserv के अनुसार, सरकारी योजनाओं में फर्जी लाभार्थियों को रोकना, सब्सिडी और सहायता राशि सीधे किसान तक पहुंचाना और किसानों को बार-बार कागजात देने की परेशानी से बचाना। इसके साथ ही इसका बड़ा फायदा यह भी है कि सभी योजनाओं का लाभ एक ही पहचान से मिलने लगता है।

यानी फार्मर आईडी बनने के बाद किसान को अलग-अलग योजनाओं में बार-बार रजिस्ट्रेशन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही बीज, खाद, सिंचाई, फसल बीमा और अन्य योजनाओं की राशि सीधे आपके खाते में डीवीटी के माध्यम से पहुंच जाएगी। सबसे जरूरी यह है कि भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ भी फार्मर आईडी के आधार पर ही दिया जाएगा। साथ ही आपके खेती से जुड़े सभी रिकॉर्ड हमेशा अपडेट रहते हैं। जिससे फसल और जमीन की जानकारी डिजिटल होने से पारदर्शिता बनी रहेगी।

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