Rajpal Yadav Surrender: राजपाल यादव तिहाड़ जेल में किया सरेंडर लेकिन क्यों ?

Rajpal Yadav हम सबके फेवरेट। मुझे याद नहीं आता कि किसी कॉमेडियन ने हमको इतना हंसाया है जितना राजपाल यादव ने चाहे फिर हेराफेरी चुप-छुप के मेरी तो फेवरेट हंगामा है। मैं पागल हूं। याद है ना वो? आज के दिन उनके माली हालात इतने खराब हो गए। राजपाल यादव जो हमारा एरा था जो हमारा बचपन था लगभग हर मूवी में हुआ करते थे और हम बहुत हंसते थे मतलब पेट फाड़ फाड़ के हंसते थे।

Rajpal Yadav Surrender
Rajpal Yadav Surrender

फ़िल्मी जगत में सबसे अलग छाप

आज भी अगर आप चुपचुप के देखें कितनी मीम्स वायरल होती हैं और वो जो मूवी है मतलब आज भी अगर आप देखें तो आपको नई जैसी लगती है। लोग खाना खाते हुए अक्सर उस मूवी को देखते हैं। ढोल मूवी क्या बेहतरीन मूवी थी। लेकिन आज राजपाल यादव के सितारे गर्दिश में हैं। क्या हुआ है? हम सिलसिलेवार से करते हैं। एक-एक चीज बताते हैं। राजपाल यादव का केस राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया है और अब वो 6 महीने की सजा काटेंगे। उनके पास और कोई चारा नहीं है।

आखिर क्या था मामला ?

2010 का यह केस है। दरअसल Rajpal Yadav एक मूवी बना रहे थे। अता पता लापता जिसमें राजपाल यादव डायरेक्टर थे। अब भाई जाहिर सी बात है मूवी बनाने के लिए आपको लोन चाहिए होता। आपको पैसे चाहिए होता है। आप खुद के पैसे हैं तो लगा दीजिए। नहीं तो आपको पैसे चाहिए। तो राजपाल यादव ने 5 करोड़ का लोन लिया। एक कंपनी थी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड। अब इस लोन को आपको भाई जाहिर सी बात है ₹7 करोड़ आपको देने थे। बट जैसे ही मूवी 2010 में रिलीज होती है लापता हो गई। उसका भी अता पता लापता किधर गई? मूवी ने लगभग ₹30 लाख कमाए और मूवी बुरी तरीके से फ्लॉप हो गई। मतलब सुपर डुपर फ्लॉप हो गई। अब जो पैसे लिए हैं मेन तो फटका प्रोड्यूसर को पड़ता है।

किसने और कितना लोन दिया था ?

अब यहां पे पैसे किसने दिए थे? मुरली प्राइवेट लिमिटेड ने। अब भाई कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से आपको उनको पैसे वापस देने चाहिए। बट यहां पे भाई मूवी नहीं चली तो पैसे दे ही नहीं पाए। आप सोचिए 2010 का केस है ये। प्रोड्यूसर ही पैसे लगाता है। बाकी डायरेक्टर को भी पैसे अपने मिल जाते हैं। एक्टर को तो मिल ही जाते तो सब सेफ रहते हैं। प्रोड्यूसर रिस्क पे रहता है। तो अब क्या हुआ कि जब Rajpal Yadav ने पैसे नहीं दिए तो फिर ये लोग कोर्ट पहुंच गए और कोर्ट का दरवाजा खटखटाया कि पैसे दीजिए पैसे दिलवाइए इनसे।

तो Rajpal Yadav ने कुछ चेकक्स इशू किए थे। अब वो जो चेक है कुछ अमाउंट लौटाए लेकिन कुछ चेक बाउंस हो गए। बाउंस का मतलब समझ रहे हैं? जैसे आपको मुझे ₹5 लाख देने हैं। आपने मुझे चेक दिया और जब मैंने देखा कि आपके अकाउंट में ₹5 लाख है ही नहीं। आपके अकाउंट में कुछ भी नहीं है। तो यानी कि फर्जी चेक है। वो कागज है। तो एक तरीके से मेरे साथ धोखाधड़ी हुई है।

चेक बाउंस पर केस

अब आमतौर पे चेक बाउंस केस में बहुत ज्यादा सजा नहीं होती है। 1881 का ये नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट है। और क्योंकि चेक एक नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट होता है। तो उसके तहत भाई हो सकता है कभी-कभी गलती। तो उसमें आप पैसा लौटा दीजिए। कोई प्रॉब्लम नहीं होती है। एस सच सजा है। बहुत ज्यादा सजा नहीं। इसमें भी राजपाल यादव को 6 महीने की ही सजा है। लेकिन आपको पैसा लौटाना पड़ेगा। तो पैसा लौटा दीजिए। बट प्रॉब्लम क्या हुई कि राजपाल यादव का चेक डिसऑनर होता रहा। अब उसके बाद धीमे-धीमे ये अमाउंट 5 करोड़ का 9 करोड़ हो गया। इंटरेस्ट लग के डिलेज़ और पेनल्टीज लग के। उसके बाद ये हाई कोर्ट पहुंच गए और सेशंस कोर्ट पहुंच गए।

Also Read – Prabhas की नई Best Movie The Raja Saab लोगो को बहुत पसंद आ रही है और कलेक्शन के मामले छोड़ा सबको पीछे

कब इनकी मुश्किल बढ़ी ?

तो 2018 मजिस्ट्रेट ने राजपाल यादव को कन्विक्ट किया और उनकी वाइफ को भी और बोला कि ना आपको 6 महीने की सजा होगी क्योंकि 8 साल से केस चल रहा है और आप पैसे लौटा नहीं पाए। सेशन कोर्ट जो लोअर कोर्ट है । उसने भी इसको अपेल्ड रखा। ये कन्विक्शन की बिल्कुल सही बात है। ये सेशन कोर्ट भी गई। जहां-जहां ये केस डाल सकते थे और बच सकते थे। उन्होंने डाला। फिर मामला हाई कोर्ट में भी चला गया। क्योंकि भाई उस समय तक इनको बेल मिल चुकी थी। तो दिल्ली हाई कोर्ट ने इनको चांस दिए कि ठीक है इंस्टॉलमेंट में क्योंकि राजपाल यादव समझाते रहे कि मेरे पास पैसे नहीं है। मैं पैसे दे दूंगा। तो इंस्टॉलमेंट भी पे कर देंगे और अगेन जो प्रजन ऑर्डर था।

6 महीने की सजा उसको पोस्टपोन कर देना। अगर आप एक बार पैसे दे देते तो सजा खत्म हो जाती। तो कोर्ट ने एग्री किया कि देखिए सात केसेस हैं आपके पास और हर केस में आपको 1.35 करोड़ देने हैं। अब नहीं दे पा हर केस में 1.35 करोड़। समझ रहे हैं? मतलब वही लगभग 9 करोड़ के आसपास प्रॉब्लम हुई। शेड्यूल पे शेड्यूल डेट पे डेट पढ़ती गई और राजपाल यादव जो है डिले करते गए। अक्टूबर 2025 में इन्होंने ₹75 लाख दिए बट उससे कुछ काम मामला हुआ नहीं। तो वही कोर्ट ने बोला कि बहुत हुआ भाई तुमको बहुत सारे मौके दे दिए।

वो दिन जब इनको खुद ही सरेंडर करना पड़ा (Rajpal Yadav Surrender in Tihar Jail)

तो 2 फरवरी 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने बोला कि अब आप जेल पे आएंगे और सरेंडर करेंगे। ठीक है ना? क्योंकि आपने रिपीटेड ब्रीच यू हैव ब्रीच लगातार आपने प्रॉमिस ब्रेक किया है। अब हम आपको और ज्यादा रियायत नहीं दे सकते। अभी राजपाल यादव का हालांकि कुछ मूवीज मिली हैं। मुझे लगता है वो मूवी का पैसे से ये चुका सकते थे। बट मुझे नहीं पता क्यों नहीं चुकाया। आई डोंट नो। उसके बाद इन्होंने 5 फरवरी 2026 को सरेंडर कर दिया तिहाड़ अथॉरिटीज पे और 6 महीने की सजा काटेंगे।

राजपाल यादव जब सबके सामने रो पड़े

अब Rajpal Yadav ने कहा है कि देखो इस इंडस्ट्री में रो पड़े  वो कहते कहते लॉयर्स ने बहुत मनाने की कोशिश की यहां पे कि थोड़ा और टाइम दे दीजिए थोड़ा और टाइम दे दीजिए बट मिला नहीं। यानी कि अब इनकी सजा पक्की है। या तो पैसे दो या सजा करो और पैसे हैं नहीं। बोले कि मेरे पास कोई पैसे हैं नहीं। मैं जनाब क्या करूं? इस इंडस्ट्री में कोई किसी का नहीं होता। मैं आज बिल्कुल अकेला पड़ गया हूं और अकेला हूं। अब सोनू सूद इसमें सोनू सूद हो गए। यहां पे तेज प्रताप यादव हो गए। उन्होंने ट्वीट किए। सोनू सूद ने बोला कि मैं अपनी अगली फिल्म में राजपाल यादव को यू नो रोल दूंगा।

और उसका साइनिंग अमाउंट में मैं अभी इसी वक्त दे दूंगा। और मैं बाकी प्रोड्यूसर से भी ये रिक्वेस्ट करना चाहता हूं कि राहुल राजपाल यादव को वो रोल्स दें। तो वही है भाई यहां पे जेल अथॉरिटी ने मतलब जो कोर्ट है उसने बहुत अच्छी बात बोली। हालांकि बहुत लंबा केस चला। कि लॉ हर किसी के लिए इक्वल है। भेदभाव नहीं है। आपको क्या लगता है मुझे कमेंट बॉक्स में बताइएगा। थैंक यू सो मच।

Leave a Comment