Support and Resistance: स्टॉक मार्केट की दुनिया में अगर किसी एक कॉन्सेप्ट को “ट्रेंड की रीढ़ की हड्डी” कहा जाए तो वह है — Support और Resistance। इन दोनों लेवल्स को समझना किसी भी ट्रेडर या इन्वेस्टर के लिए बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यही वो पॉइंट्स होते हैं जहाँ मार्केट की दिशा बदलती है — या तो ऊपर जाने लगती है या नीचे गिरने लगती है।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे:
- Support और Resistance क्या है
- ये कैसे काम करते हैं
- इन्हें चार्ट पर कैसे पहचानें
- और कैसे आप अपने ट्रेड्स को इन लेवल्स के अनुसार प्लान कर सकते हैं

Support क्या होता है? (Support Meaning in Hindi)
Support वह स्तर (Level) होता है जहाँ पर किसी स्टॉक या इंडेक्स की कीमत गिरते-गिरते रुक जाती है और वापस ऊपर जाने लगती है।
इस जगह पर आम तौर पर Buyers ज़्यादा सक्रिय होते हैं, यानी लोग मानते हैं कि यह Level “सस्ता” है और अब यहाँ से मार्केट ऊपर जाएगा।
उदाहरण:
मान लीजिए किसी स्टॉक की कीमत ₹500 से गिरकर ₹470 पर आती है।
लेकिन ₹470 पर आते ही लोग खरीदना शुरू कर देते हैं और कीमत फिर से ऊपर बढ़ने लगती है।
इसका मतलब ₹470 एक Support Level है।

Support का महत्व:
- खरीदारी का संकेत (Buying Zone): Support पर अक्सर Demand बढ़ती है।
- Stop Loss के लिए मददगार: अगर आप Buy करते हैं तो Support के नीचे Stop Loss लगाना सुरक्षित होता है।
- Price Reversal का संकेत: जब मार्केट Support पर रुककर Bounce करता है, तो यह Trend बदलने का इशारा देता है।
Resistance क्या होता है? (Resistance Meaning in Hindi)
Resistance वह Level होता है जहाँ किसी स्टॉक या इंडेक्स की कीमत ऊपर जाती हुई रुक जाती है और वापस नीचे गिरने लगती है।
इस जगह पर आम तौर पर Sellers ज़्यादा सक्रिय होते हैं, यानी लोग मानते हैं कि कीमत अब ज़्यादा है और इसे बेच देना चाहिए।
उदाहरण:
किसी स्टॉक की कीमत ₹480 से बढ़कर ₹520 पर जाती है,
लेकिन ₹520 के ऊपर Buyers कम और Sellers ज़्यादा हो जाते हैं,
तो कीमत फिर गिरने लगती है।
इसका मतलब ₹520 एक Resistance Level है।
Resistance का महत्व:
- बेचने का संकेत (Selling Zone): Resistance पर अक्सर Supply बढ़ती है।
- Profit Booking का Level: कई लोग यहाँ अपना Profit Book करते हैं।
- Trend Reversal का संकेत: जब मार्केट Resistance पर रुककर नीचे आता है, तो यह Short-Term Correction का संकेत देता है।
Support और Resistance कैसे बनते हैं?
Support और Resistance कोई जादू नहीं हैं, ये Market Psychology और Demand–Supply के कारण बनते हैं।

मनोविज्ञान के दृष्टिकोण से:
- जब कोई स्टॉक बार-बार किसी Level से ऊपर नहीं जा पाता — वही Resistance बन जाता है।
- और जब कोई स्टॉक बार-बार किसी Level से नीचे नहीं गिर पाता — वही Support बन जाता है।
यह इसलिए होता है क्योंकि:
- Resistance पर Traders को डर रहता है कि अब और ऊपर नहीं जाएगा।
- Support पर Traders को भरोसा रहता है कि अब और नीचे नहीं जाएगा।
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चार्ट पर Support और Resistance कैसे पहचानें?
1. Previous Lows और Highs को देखें
- पिछले समय में जहाँ Price ने नीचे रुककर ऊपर गया — वही Support है।
- जहाँ ऊपर रुककर नीचे आया — वही Resistance है।
2. Trend Lines का उपयोग करें
- अगर आप Chart पर Two or Three Lows को जोड़ें तो आपको एक Rising Support Line दिखेगी।
- Two or Three Highs को जोड़ने पर Falling Resistance Line बनती है।
3. Moving Averages
50-Day, 100-Day या 200-Day Moving Average भी कई बार Strong Support या Resistance का काम करते हैं।
4. Volume Analysis
Support पर Volume बढ़े तो मतलब Buyers मजबूत हैं।
Resistance पर Volume बढ़े तो Sellers हावी हैं।
Support और Resistance के प्रकार
| प्रकार | विवरण |
|---|---|
| Static Level | जैसे ₹500 या ₹1000 जैसे Fixed Level, जहाँ पहले भी Price रुकी हो। |
| Dynamic Level | Moving Averages या Trend Lines के साथ बदलते हुए Levels। |
| Psychological Level | जैसे ₹100, ₹500, ₹1000 — ऐसे Round Numbers जिन्हें लोग मनोवैज्ञानिक रूप से मानते हैं। |
कैसे करें Trading Using Support and Resistance?
1. Support के पास Buy करें
जब स्टॉक Support के पास आए और वहां से Bounce करे, तो Entry का अच्छा मौका हो सकता है।
2. Resistance के पास Sell करें
जब स्टॉक Resistance के पास पहुंचे और वहाँ से गिरना शुरू करे, तो Exit या Short का संकेत होता है।
3. Breakout और Breakdown को समझें
- अगर Price Resistance के ऊपर निकल जाए तो उसे Breakout कहते हैं।
- अगर Price Support के नीचे गिर जाए तो उसे Breakdown कहते हैं।
Breakout = Bullish Signal
Breakdown = Bearish Signal
Support और Resistance बदल भी सकते हैं!
जब Price किसी Resistance को तोड़ देता है और ऊपर निकल जाता है,
तो वही Level अब New Support बन जाता है।
उदाहरण:
- ₹500 Resistance था।
- Price ₹500 के ऊपर चला गया।
अब ₹500 Future में Support की तरह काम करेगा।
इसी तरह,
जब कोई Support टूट जाता है,
तो वही Level Future में Resistance बन जाता है।
Example: Support and Resistance in Action
मान लीजिए “Infosys” का Chart देख रहे हैं।
- Infosys ₹1600 से ₹1500 पर गिरा — और वहीं से ऊपर गया।
→ ₹1500 = Strong Support - फिर ₹1650 तक गया और फिर से गिरा।
→ ₹1650 = Resistance
अब अगर Price ₹1650 के ऊपर Breakout करे,
तो ₹1650 अब New Support बनेगा, और अगला Target ₹1700 या ₹1720 तक हो सकता है।
होमवर्क (Practice for You):
– किसी भी स्टॉक (जैसे TCS, HDFC Bank, Infosys) का Chart खोलिए (TradingView या Zerodha Kite पर)।
– उसमें पिछले 3 महीने के Data देखें।
– Identify कीजिए —
- 2 Support Levels
- 2 Resistance Levels
– देखें Price इन Levels पर कैसे React करता है।
इसी तरह धीरे-धीरे आपकी Market Eye Develop होगी।
Extra Tips for Beginners
- Fake Breakout से बचें: हर Breakout असली नहीं होता, Volume Confirm करें।
- Multiple Timeframe देखें: 1 Day, 1 Week, 15 Min — हर Timeframe का View अलग हो सकता है।
- News और Events का असर: Results, RBI Policy, Budget आदि से Level टूट भी सकते हैं।
- Stop Loss हमेशा लगाएं: अगर Support टूटे तो तुरंत Exit करें।
Support और Resistance को समझने का फायदा
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| Entry और Exit सही तय होती है | आपको पता रहता है कहाँ Buy या Sell करना है। |
| Risk कम होता है | Stop Loss के पास Entry लेने से नुकसान सीमित होता है। |
| Confidence बढ़ता है | Market के मूव्स को समझना आसान हो जाता है। |
| Trend Analysis में मदद | आप जान पाते हैं कि Market Strong है या Weak। |
निष्कर्ष (Conclusion)
Support और Resistance सिर्फ़ Chart पर बने Lines नहीं हैं, बल्कि Market के व्यवहार और Psychology का प्रतिबिंब हैं।
हर Successful Trader इन्हें ध्यान में रखकर ही Entry और Exit Plan करता है।
इन Levels को पहचानने की Practice आपको Market की नब्ज़ समझने में मदद करेगी।
याद रखें:
“Price हमेशा Memory रखता है – जहाँ वो पहले रुका था, वहाँ दोबारा रुकने की संभावना होती है।”
Summary (Quick Recap):
- Support = जहाँ Price गिरकर रुकता है (Buying Zone)
- Resistance = जहाँ Price बढ़कर रुकता है (Selling Zone)
- Breakout = Resistance के ऊपर निकलना
- Breakdown = Support के नीचे गिरना
- Old Resistance → New Support बन सकता है
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सभी जानकारियाँ विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया स्रोतों से एकत्र की गई हैं। हमारे चैनल द्वारा इन जानकारियों की स्वतंत्र रूप से कोई पुष्टि नहीं की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्णय से पहले संबंधित ऑफिशियल वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोत से जानकारी अवश्य सत्यापित करें।यदि आपको इस लेख में किसी प्रकार की त्रुटि या अपडेट की आवश्यकता महसूस हो, तो कृपया कमेंट बॉक्स में बताकर हमें सुधार करने में सहायता करें।
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